आजा़दी आज हो गई है चौहत्तर साल की इसे पाने में भूमिका थी लाल बाल पाल की। आजा़दी आज हो गई है चौहत्तर साल की इसे पाने में भूमिका थी लाल बाल पाल की।
जो साल चला गया उसकी क्या सोचे अब, २०२२ की शुरुआत बेहतरीन होनी चाहिए। जो साल चला गया उसकी क्या सोचे अब, २०२२ की शुरुआत बेहतरीन होनी चाहिए।
अशांत कोलाहल की जिंदगी से दूर शांति का दूत बनेगाI अशांत कोलाहल की जिंदगी से दूर शांति का दूत बनेगाI
रिश्ते ये सजीव हैं जिंदगी के रास्ते, माना कुछ अजीब हैं। रिश्ते ये सजीव हैं जिंदगी के रास्ते, माना कुछ अजीब हैं।
भैया बहना का प्यार आज भी अनमोल है। भैया बहना का प्यार आज भी अनमोल है।
अफ़सोस है कि मेरे शहर में एक पीड़िता को इंसाफ़ नहीं मिलता है। अफ़सोस है कि मेरे शहर में एक पीड़िता को इंसाफ़ नहीं मिलता है।